मामी का गर्म हुस्न और मेरा फनफनाता लंड
दोस्तो, मेरा नाम अथर्व है और ये मेरी जिंदगी का एकदम सच्चा अनुभव है जिसे मैं एक सेक्स कहानी के रूप में लिख कर आप सभी से साझा कर रहा हूँ.
यह पोर्न विडो सेक्स कहानी अभी कुछ दिन पहले की है.
पिछले महीने मेरी रेखा मामी की बेटी की शादी थी.
मामी की बेटी की शादी एक लव मैरिज थी और उसकी शादी रायपुर में हुई थी.
मेरी मामी भिलाई में अकेली रहती हैं.
मामा की डेथ 5 साल पहले हो गई थी.
उनका बेटा पुणे में जॉब करता है, वह वहीं वाइफ के साथ सैटल है.
उनके घर पर सिर्फ मामी ही थीं.
यह बात पिछले महीने की 14 तारीख की है.
मैं अपनी फैमिली के साथ शादी के लिए भिलाई, मामी के घर निकला.
उस वक्त उनके घर ज्यादा मेहमान नहीं आए थे.
हम शाम को पहुंचे.
रेखा मामी वेलकम करने बाहर आईं.
उफ्फ … मैं तो उन्हें देखता ही रह गया.
रेखा मामी की उम्र 52 साल जरूर थी, लेकिन वे बेहद गोरी, लंबे बाल वाली और लंबे कद वाली बेहद कसी हुई फिगर की महिला हैं.
उनकी हाइट साढ़े पांच फिट की है और फिगर 34-32-38 का ऐसा कर्वी बदन है कि जवान लड़की भी उनके सामने फेल लगे.
इतनी मादक जवानी पर चुस्त ड्रेस ने उन्हें हाहाकारी माल बना दिया था.
मामी पिंक कलर की चुस्त कुर्ती और टाइट लेगिंग्स पहनी हुई थीं.
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इस ड्रेस में उनका फिगर फट-फट कर बाहर आ रहा था.
मैंने नमस्ते करते हुए पैर छुए, वे मुझे उठाने के लिए झुकीं तो उनकी गहरे गले की कुर्ती से झांकते हुए उनके गोरे-गोरे संतरे मुझे साफ दिख गए.
वे हंस कर बोलीं- अरे हो जाता है!
कुछ देर मसाज करवाने के बाद मामी ने मुझे मना किया और थैंक्स बोल कर अपनी साड़ी को ठीक करने लगीं.
उस जब वे अपनी साड़ी ठीक कर रही थीं, तो उन्होंने अपने ब्लाउज से आँचल पूरा हटा दिया था.
उसी वजह से मुझे उनके कसे और गहरे गले वाले ब्लाउज में से आधे से अधिक झांकते हुए दूध साफ साफ दिखाई देने लगे थे.
वे मेरी नजरों को भाँपती हुई अपनी साड़ी ठीक करके बोलीं- चलो उधर शादी का काम देखना है!
फिर हम दोनों वापस शादी वाली लोकेशन पर आ गए.
फिर देर रात में विदाई के बाद घर लौटे.
आधे लोग वहीं से निकल गए थे.
मुझे भी घर वालों के साथ अगली सुबह जाना था, पर मामी ने मुझे रोक लिया था.
उन्होंने मेरे घरवालों से भी कहा कि आप लोग भी 2-4 दिन रुक जाओ!
घूम रही है!
मामी बोलीं- ओके गिफ्टेड टू यू … एंजॉय कर!
मैंने कहा- सच में पेल दूं?
वे बोलीं- पहले कभी पेली है न!
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मैंने कहा- हां … पहले ढीली कर लेता हूँ … फिर पेलूँगा.
वे हां कह कर गांड दिखाने लगीं.
मैंने उनकी गांड में उंगली से तेल लगाया और उसके बाद लंड पेल कर इतनी देर तक मारी कि वे पूरी तरह से टूट गईं.
वे गालियां देती हुई चिल्ला रही थीं- बस कर कुत्ते … मेरी गांड फट गई … कल चल नहीं पाऊंगी मादरचोद … छोड़ दे … मैं तेरी मामी हूँ कमीने … मार डालेगा क्या?
मैंने कहा- नहीं छोड़ूँगा रेखा मेरी जान तीन दिन से अपना जहरीला फिगर दिखा-दिखाकर तड़पा रही हो … अब नहीं रुकने वाला!
फिर मैं बोला- आज आपकी बेटी की सुहागरात है … वह वहां चुदवा रही होगी … और रेखा मामी मेरी जान … तुम्हारी भी सुहागरात चल रही है … क्या किस्मत है तुम दोनों मां बेटी की!
वे हंसने लगीं.
मैंने मामी को अपने ऊपर बिठाया और उनकी चुत को लंड की सवारी करवाई.
वे मेरे लौड़े पर ऊपर-नीचे कूद रही थीं.
अब उन्हें भी जबरदस्त मजा आ रहा था.
मामी चिल्ला रही थीं- अपनी इस रेखा मामी को अपनी रंडी बना ले … और चोद मुझे … रात भर चोद मुझे मादरचोद कुत्ते!
ये सुनकर मैंने डबल स्पीड से पेलना शुरू कर दिया.
आखिर में उनकी चूत में सारा गाढ़ा वीर्य निकाल दिया और दोनों नंगे ही एक-दूसरे से लिपट कर सो गए.
उसके बाद मैंने दो दिन मामी को और जोर से रगड़ा और वापस आ गया.