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पड़ोसन रसीली गर्म भाभी की चुदाई Bhabhi Sex Story 


मैं एक मिठाई की शॉप पर जॉब करता हूँ.


उस फेमस दुकान में 10 से 12 घंटे की इस नौकरी में मुझे फुर्सत नहीं रहती थी.

तो पड़ोस में कौन क्या कर रहा है, मुझे मालूम ही नहीं रहता.


जबकि मेरे पड़ोस में प्रिया भाभी जैसी कांटा माल रहती थीं यह मुझे उन्हें चोदने के बाद ही पता चला था.


हुआ यूं कि एक बार मुझे 3 दिन की छुट्टी मिली क्योंकि मेरे दुकान मालिक के पिताजी की मृत्यु हो गई थी.


मैं अपने मालिक के पिता जी की अन्त्येष्टि में गया और अंतिम संस्कार से आने के बाद सभी को नहाना होता है.

तो मैं भी आते ही नहाने घुस गया.


मैं नहा कर ऊपर रूम में गया तो मैंने खिड़की खोल दी.

आंटी को लंड दिखा कर चोदा Aunty sex Story


जैसे ही मैंने खिड़की खोली और उधर का जो नजारा मैंने देखा तो मेरे दिमाग़ ने काम करना बंद कर दिया.

उधर सामने रानी भाभी अपनी छत पर कपड़े सुखा रही थीं.


जब भी वे बाल्टी से कपड़े निकालने को झुकती थीं तो उनके मस्त रसीले दूध देख कर मेरी पैंट से लंड बाहर आने को करने लगता था.

मैं उनके मम्मों को देख कर कंट्रोल नहीं कर पा रहा था.


मैंने तौलिए में कैद अपने लंड को आज़ाद किया और लंड को मसलने लगा.


कोई 2 मिनट बाद भाभी की निगाह मुझे पर पड़ गई.

मैं छिप गया मगर उन्होंने मुझे देख ही लिया था.

उस वक्त तो मैं जल्दी जल्दी कपड़े पहन कर कमरे से भाग गया.


कुछ देर बाद जब मैं वापस आया तो भाभी ने मुझे स्माइल दी और बोलीं- जवानी को संभाल ले अपनी!

मैंने कहा- आप ही संभाल दो ना मेरी जवानी को!

वे हंस दीं.


मैंने सोचा कि ‘हंसी तो फंसी’ वाला फार्मूला लग गया है शायद तो मैंने बिना देरी किए भाभी से कहा कि भाभी आप बहुत खूबसूरत हैं!

उन्होंने कहा- हां, मालूम है मुझे … कोई नई बात बता!


मैंने कहा- अब नई बात क्या बता सकता हूँ भाभी?

उन्होंने कहा- आ जाओ चाय पीने घर … उधर ही सोच लेना कि नई बात क्या हो सकती है!


मैंने भाभी की बात समझ कर कहा- ठीक है, मैं आता हूँ. आप तब तक चाय बनाओ!



मैं कमरे में जाकर अपनी सांसों पर कंट्रोल करने के बाद वापस भाभी के दरवाजे पर आ गया.

भाभी ने कपड़े बदल लिए थे और एक मस्त नाइट ड्रेस पहन रखी थी.

इस चुस्त ड्रेस में से भाभी के बूब्स बाहर फटे पड़ रहे थे.

मेरा तो दिल कर रहा था कि वहीं भाभी को इस नाइट ड्रेस से आज़ाद कर दूँ.


भाभी ने मुझे देख कर मुस्कान बिखेरी और अन्दर आकर बैठने का कहा.

मैं उनके घर में सजे सोफे पर जाकर बैठ गया.


भाभी कुछ ही पलों में चाय की ट्रे ले आईं और मुझे चाय देने लगीं.

उस वक्त भी भाभी झुक कर अपने दूध दिखाती हुई मुझे गर्म करने लगी थीं.


मुझसे रहा न गया और मैंने उनकी ट्रे से चाय का कप लेने की जगह सीधे भाभी का हाथ पकड़ लिया.


वे कहने लगीं- अरे … ये सब क्या है?

मैंने कहा- ये तो अपने आप हो रहा है भाभी, मैं क्या करूँ?

तो वे हंस कर बोलीं- अच्छा अभी कुछ देर और रुको … बस मैं अभी आती हूँ!


उनकी बात सुनकर मैंने हाथ छोड़ दिया और चाय का कप लेकर चुस्कियां लेने लगा.


भाभी अन्दर चली गईं और मैं चाय पीते हुए उनके वापस आने का इंतजार करने लगा.

मगर वे वापस बाहर नहीं आईं.


मैं 2 मिनट बाद उठा और उनके रूम के बाहर चला गया.

मैंने अन्दर झांक कर देखा तो वे बेड सजाए हुई थीं.

उन्होंने कमरे को ऐसा सजाया हुआ था मानो किसी की सुहागरात हो!


मेरे दिल में बहुत से ख्याल आने लगे कि क्या भाभी आज मुझे सुहागरात का दूल्हा बनाने वाली हैं!


तभी भाभी ने मुझे अन्दर आने का इशारा किया और मेरे अन्दर आते ही उन्होंने रूम बंद कर दिया.

वे मुझसे बोलीं- अब बताओ कि तुम क्या कर रहे थे उस वक्त?


मैंने बिंदास कहा- मैं आपको चोदना चाहता हूँ भाभी और उसी के लिए आपका हाथ पकड़ रहा था!

भाभी बोलीं- मैं ऐसी महिला नहीं हूँ.


मैंने कहा- एक बार आज़मा कर तो देखो!

उन्होंने कहा- अभी मेरे हसबैंड का फोन आया था और वे घर आने वाले हैं!


यह सुनकर मैं डर गया और मैंने पूछा- कितनी देर में आने वाले हैं आपके हजबैंड?

वे बोली- मुझे उम्मीद है कि वे कल सुबह तक आएंगे, उनको यहां से गए हुए एक महीना हो गया है न … तो कुछ पक्का नहीं है कि कब तक आएंगे!


मैंने साफ शब्दों में उनसे पूछा- यह सब क्या हो रहा है भाभी … मुझे कुछ समझ में ही नहीं आ रहा है. आप मुझसे क्या चाहती हैं?

वे अब खुल कर बोलीं- मेरे हसबैंड बिस्तर में किसी काम के नहीं हैं, वे सिर्फ़ 2 मिनट में झड़ जाते हैं. मैं रात भर तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती हूँ. फिर सुबह जब वे आएंगे तो 2 मिनट उनके साथ बिता लूँगी. अब तुम मेरे पास आओ!

मैंने कहा- ठीक है.


भाभी बोलीं- मेरे नजदीक आ जाओ और अब मुझे अपने मन की कर लेने दो!

मैंने कहा- ओके कर लो जी!


मैं बैठ गया और भाभी नीचे बैठ गईं.

उन्होंने अपने बालों को बांध लिया और मेरे लंड को अपने होंठों से दबाती हुई चूसने लगीं.


भाभी अपने रसीले होंठों से मेरे लंड के टोपे को मुँह में लेकर चूस रही थीं.

फिर अचानक से ही वे मेरे पूरे लौड़े को अपने गले के अंतिम छोर तक उतारने लगी थीं.


भाभी के मुँह की गर्माहट से मुझे बेहद सुकून मिल रहा था और बड़ा मज़ा आ रहा था.


फिर कुछ देर तक यूं ही लंड चूसने के बाद भाभी ने डेयरी मिल्क चॉकलेट खाई और उसको मुँह में भर कर पिघलाने लगीं.

फिर अपने मुँह से उस चॉकलेट के रस को लंड पर लपेट कर वापस से चूसने में लग गईं.

इस तरह से वे कुछ ही मिनट में चॉकलेट को खा गईं.

उनके इस तरह से लंड चूसने से उसे चॉकलेटी और एकदम चिकना कर दिया.


सच कह रहा हूँ दोस्तो, भाभी ने जिस तरह से मेरे लंड को अपने मुख से चोदा था, उससे मुझे बेहद मज़ा आया था.


अभी इतना ज्यादा मजा आ रहा था कि मैं सब कुछ भूल गया था कि मैं एक ऐसी भाभी के साथ सेक्स कर रहा हूँ, जिसका पति कभी भी आ सकता है.


अभी मैं यही सोच रहा था कि तभी अचानक से उनके घर की डोरबेल बज गई.

मैं डर गया था.


भाभी भी एकदम से घबरा गईं और उन्होंने मुझे अपने रूम में छुपा दिया.

कपड़े सही करके भाभी ने बाहर जाकर दरवाजा खोला तो देखा कि उनके पति देव आ गए थे.


उन दोनों में बातें होने लगीं तो मुझे सुनाई दे गया.

मैं अपने मन में बोला कि साली मेरी किस्मत तो मुर्दा लंड जैसी हो गई है … इस बहन के लौड़े को भी अभी ही आना था. अब इसने यदि मुझे देख लिया तो पिटाई पक्की है.


भाभी के पति घर के अन्दर आए और सेक्सी नाइट ड्रेस देख कर वे भाभी के मम्मों को चूसने लगे.

भाभी बोलीं- अरे इतनी जल्दी क्या है यार … पहले बाथरूम में जाकर नहा तो लो, मैं भी अभी तैयार होकर बेडरूम में आती हूँ.


वे कामुक भाव से बोले- अब तो तुझे चोद कर ही नहाने जाऊंगा मेरी जान!


यह सब मैं सुन रहा था तो मैं मौका देख कर भाभी के बेडरूम से बाहर आ गया.

 भाभी ने मुझे कमरे से बाहर आते देखा तो जल्दी से अपने पति की पीठ मेरी तरफ कर दी और वे अपने पति को चूमने लगीं.


मैं सीधा किचन में चला गया.

 किचन में रानी भाभीआईं और बोलीं- यहीं रहना ओके!

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मैं बोला- जा भी कहां सकता हूँ मैं यार!

वे हंस दीं.


फिर वे पानी लेकर अपने हसबैंड के पास आ गईं और अपने पति से ज़िद करने लगीं- ओके तुम मानोगे नहीं, तो मैं रेडी हूँ … लेकिन जान, पिछली बार जब तुम बाहर गए थे तो अपने पास प्रोटेक्शन खत्म हो गया था. अभी बाजार जाकर कंडोम ले आओ … हां चॉकलेट फ्लेवर वाला ही लाना. मुझे चॉकलेट खाने का बड़ा मन है!

वह बोला- मैं चॉकलेट वाला कंडोम ही लाया हूँ जान, इसको लगा कर ही लंड चूस लेना मेरा!


रानी भाभी की सारी कोशिश नाकाम हो रही थीं.


वे सोच रही थीं कि ये यहां से जाएगा तो वे मुझे यहां से निकाल सकेंगी.


फिर उनके पति रानी भाभी से कुछ खाने लाने के लिए बोलने लगे.

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वे बोलीं- ओके मैं किचन से कुछ बना कर लाती हूँ, तुम जब तक कमरे में चलकर बेड पर लेटो, फिर मैं तुमको सबक सिखाती हूँ!


भाभी इठलाती हुई किचन में आईं तो मैंने पीछे से भाभी को मम्मों को पकड़ लिया.


मेरे लौड़े की नोक भाभी की गांड पर पूरी तरह से लग रही थी.

मेरा लंड तड़प रहा था.


मैंने भाभी की नाइटी ऊपर की और लंड को उनकी चूत पर रख दिया.

वे भी चुदासी थीं तो घोड़ी बन गईं और मैं उनको चोदने लगा.


इतने में भाभी के हजबैंड की चलने की आवाज़ सुनकर मैंने जल्दी से लंड निकाला और भाभी की नाइटी सही करके कोने में छिप गया.

भाभी के हजबैंड किच के बाहर से ही एक ग्लास मांगने आए थे और गिलास लेकर चले गए, उन्हें शायद दारू पीने का मन था.


उनके जाते ही भाभी ने कहा- अब इनको एक घंटा दारू पीने में लगेगा, तुम चोदो मुझे!

मैंने फिर से रानी भाभी को चोदना शुरू कर दिया.


हालांकि रानी भाभी को अभी भी डर लग रहा था कि कहीं उनके हजबैंड वापस न आ जाएं.

पर मैं और भाभी हम दोनों चुदाई के न/शे की गहराई में चले गए.


मैं भाभी की टाइट चूत को चोदने में मस्त हो रहा था.


इतने में रानी भाभी की चूत से पानी बहने लगा.

मैं भाभी की चूत को और ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा.


इतने में भाभी ने अपने पति के लिए जो नमकीन बनाने के लिए गैस चूल्हे पर रखा था, वह बन कर तैयार हो गया था.

भाभी चुदती हुई ही अपनी रैसिपी को देखने लगीं.


इधर मेरे लंड ने भी रानी भाभी की चूत को चोदना जारी रखा.


फिर वे मेरे लौड़े से अलग होकर किचन से जाने लगीं.

मैंने बोला- रुको ज़रा!


भाभी कमरे में जाने के लिए बहाने बनाने लगीं.

मैंने उन्हें वापस पकड़ा और चोदने लगा.

इतने में भाभी ने अपने पति के लिए जो नमकीन बनाने के लिए गैस चूल्हे पर रखा था, वह बन कर तैयार हो गया था.

भाभी चुदती हुई ही अपनी रैसिपी को देखने लगीं.


इधर मेरे लंड ने भी रानी भाभी की चूत को चोदना जारी रखा.


फिर वे मेरे लौड़े से अलग होकर किचन से जाने लगीं.

मैंने बोला- रुको ज़रा!


भाभी कमरे में जाने के लिए बहाने बनाने लगीं.

मैंने उन्हें वापस पकड़ा और चोदने लगा.


मैं इतनी तेज़-तेज़ रफ्तार से भाभी को चोद रहा था कि उनका चेहरा एकदम से लाल पड़ गया था.


फिर भाभी ने मुझे कहा- प्लीज़ अब बस करो!

मैंने कहा- बस जान हो गया है!


मैंने भाभी को और कसके पकड़ा और अपने लौड़े का सारा पानी उनकी चूत में गिरा दिया.

वे एकदम से बोलीं- अरे पागल, ये क्या कर दिया तूने … माल बाहर टपकाना ना चाहिए था ना! चलो अब निकलो तुम यहां से!


फिर मैं सीढ़ी के रास्ते अपने घर चला गया.

मेरा काम तो हो गया था.


दोस्तो, इस तरह से एक  मस्त चूतवाली रानी भाभी को चोदने का मेरा सपना पूरा हो गया था.

By admin | 06 Feb 2026